दिल्ली पुलिस और किसानों के बीच सोमवार को फिर बातचीत होगी. किसानों द्वारा संसद घेराव के ऐलान के मद्देनजर 7 मेट्रो स्‍टेशन को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. दरअसल, रविवार को हुई बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने ही जंतर-मंतर पर आने की बात पुलिस के सामने रखी थी. जिस पर काफी हद तक पुलिस ने रजामंदी दी थी. वहीं, सोमवार को फिर मीटिंग होगी, जिसमें फाइनल होगा की क्या जंतर-मंतर आने की ऑफिशियल परमिशन पुलिस देगी या फिर क्या बीच का हल निकलेगा.

बता दें कि किसान पिछले कई महीनों से दिल्ली के अलग- अलग बॉर्डरों से धरना- प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी केंद्र सरकार से मांग है कि तीनों नए कृषि कानूनों के रद्द किया जाय, लेकिन सरकार उनकी मांगें मंजूर करने को तैयार नहीं है. यही वजह है कि किसान नेता कभी ट्रैक्टर रैली निकालने की मांग करते हैं तो कभी संसद घेराव की. गौरतलब है कि अभी तक उन्हें संसद घेराव को लेकर प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है.

कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के बीच सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है. किसानों ने सत्र के शुरू होने के साथ ही सिंघु बॉर्डर से संसद तक मार्च करने की चेतावनी दी है. इसको लेकर दिल्ली पुलिस ने किसानों के साथ अहम बैठक की थी. इसमें दिल्ली पुलिस ने किसानों को संसद मार्च की परमिशन देने से इनकार कर दिया. हालांकि, बैठक में जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन का विकल्प भी सामने आया. किसानों के इस प्रस्ताव पर दिल्ली पुलिस ने काफी हद तक रजामंदी दी है, लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं हैं.

जानकारी के मुताबिक, सिंघु बॉर्डर के पास एक बैंक्वेट हॉल में हुई इस बैठक के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है. दिल्ली पुलिस ने किसानों के संसद मार्च की मांग को नकार दिया है. किसानों का कहना है कि वे हर हाल में संसद तक मार्च निकालना चाहते हैं. इसलिए अब सोमवार को एक बार फिर दोनों पक्षों की बैठक होगी, जिसमें इस मसले का समाधान निकाला जाएगा. करीब 45 मिनट तक चली इस अहम बैठक के दौरान दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों के सामने कोरोना से पैदा हुई स्थिति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने जैसी बातें रखीं.