किसान आंदोलन पर भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत का बड़ा बयान आया है. बता दें, रामपुर में राकेश टिकैत ने कहा है कि किसान तो वापस नहीं आएगा, किसान वहीं रहेगा. सरकार को बातचीत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमने 5 सितंबर को बड़ी पंचायत बुलाई है. आगे का जो भी निर्णय होगा, उसमें लेंगे. दो महीने का सरकार को भी टाइम है. अपना फैसला सरकार भी कर ले, किसान भी कर लेंगे. जंग होगी देश में ऐसा लग रहा है, युद्ध होगा.

आपको बता दें, रामपुर पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों का हालचाल जानने के लिए आये हैं. बारिश हो नहीं रही है. हमने डीजल को लेकर आंदोलन क्या कर दिया बोल रहे हैं कि महंगाई से आपका क्या मतलब है? डीजल खरीद रहे हैं, देख रहे हैं सरकार सब्सिडी दे रही या नहीं. किसान अपनी जेब से खरीद रहा है. गन्ने का भुगतान हो नहीं रहा. तराई वाली बेल्ट को नुकसान हो रहा है. हालात ये है कि देश के किसानों को नुकसान है.

टिकैत ने कहा कि सरकार जो कानून लाई है, इससे और ज्यादा नुकसान होगा. राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार कानून वापसी ले और किसानों से बैठकर बात करे, नहीं तो ये आंदोलन जारी रहेगा. किसानों में गर्माहट है. किसानों के धरने पर बोलते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरिके से धरना दे रहे, इसलिए सरकार नही सुन रही है. क्रांतिकारी तरीके से धरना दें तो सुन लेगी. वो हम कर नहीं सकते. हम तो शांति के पुजारी हैं. टिकैत साहब हमेशा धरनों पर शांति से विश्वास रखते हैं.

दरअसल, किसानों के संसद का घेराव करने पर राकेश टिकैत ने कहा किसान संसद भवन का रास्ता जानते हैं. अभी 22 तारीख से 200 लोग वहां जाएंगे. जब तक पार्लियामेंट चलेगी, तब तक हर रोज 200 लोग जाएंगे. अब जब भी किसान जाएगा तो लाल किला नहीं संसद भवन ही जाएगा.