कई साल से रास्ते में अटकी ग्रेटर नोएडा वेस्ट की मेट्रो रेल योजना अब जल्द ही पटरी पर आएगी. अक्टूबर में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इसकी आधारशिला रख सकते हैं. इस लाइन के शुरू होते ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ जाएगा. अभी तक यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कोई सुविधा नहीं थी. नया रूट करीब 15 किमी का होगा और पहले फेज में 5 मेट्रो रेल स्टेशन बनाए जाएंगे. साल 2022 में शुरू होने वाला यह प्रोजेक्ट कोरोना-लॉकडाउन के चलते लेट चल रहा है. नोएडा-ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन ने भी इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है.

जानकारों की मानें तो नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के मेट्रो का रूट 15 किमी का है, लेकिन शुरुआत सिर्फ 5 मेट्रो स्टेशन से होगी. सभी 5 स्टेशन सेक्टर-122, सेक्टर-123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 और ईकोटेक-12 पर बनेंगे. हालांकि, इस पूरे रूट पर 9 स्टेशन बनकर तैयार होने हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होते ही वेस्ट के सेक्टर ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की ब्‍लू लाइन से जुड़ जाएंगे.

नोएडा सेक्टर-51 से लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट नॉलेज पार्क 5 तक शुरू होने वाली मेट्रो रेल का पूरा रूट एलिवेटेड होगा. डीपीआर के मुताबिक, इस पर करीब 492 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इस प्रोजेक्ट को 2019 में ही मंजूरी मिल चुकी थी. इसे साल 2022 में बनकर शुरू भी हो जाना था, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के चलते यह प्रोजेक्ट लेट होता गया. अब ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अक्टूबर में इसका काम शुरू हो जाएगा.

जानकारों की मानें तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होने से इसका एक बड़ा फायदा ग्रेटर नोएडा मेट्रो को भी मिलेगा. नोएडा के परि चौक से बड़ी संख्या में लोग वेस्ट के लिए भी सफर करते हैं, लेकिन कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने के चलते ऑटो और टैक्सी का सहारा लेते हैं. वेस्ट तक मेट्रो शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा होते हुए लोग वेस्ट तक का सफर करने लगेंगे.