केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कोविड-19 के घोर उल्लंघन को लेकर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है. केंद्र ने कहा, “हमें खुद पर निगरानी करने की जरूरत है और इसमें जरा भी ढील की गुंजाइश नहीं है. ये सोचकर हम अपने व्यवहार में बदलाव नहीं ला सकते कि पॉजिटिविटी रेट गिर रहा है.” केंद्र ने राज्यों को यह भी कहा है कि कोविड उपयुक्त व्यवहार के पालन में किसी भी ढिलाई के लिए अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाने के लिए भी कहा.

बता दें, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया, “अगर किसी प्रतिष्ठान/परिसर/बाजार आदि में कोविड-19 के उचित व्यवहार के मानदंडों को बनाए नहीं रखा जाता है, तो ऐसी जगहों पर कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों को फिर से लागू करने और कोविड-19 को फैलाने के लिए उत्तरदायी होंगे जिन पर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी.”

केंद्र ने आगे कहा, “इस बात पर जोर दिया जाता रहा है कि कोविड की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है. हमें यह याद रखना चाहिए कि जहां टीकाकरण की पहुंच काफी बढ़ रही है, वहां ढील की कोई गुंजाइश नहीं है और इसलिए कोविड उपयुक्त व्यवहार हमारी ‘दवाई भी और कड़ाई भी’ फिलॉसफी के अनुरूप जारी रहना चाहिए. परीक्षण को उसी जोश के साथ जारी रखने की जरूरत है, क्योंकि वायरस की जांच और मामलों की जल्द पहचान के मामले में पर्याप्त परीक्षण बेहद जरूरी है.”

गृह मंत्रालय की ये एडवाइजरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के एक दिन बाद आई है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक में लोकप्रिय स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ के बारे में चिंता जताई थी.