अब, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के ग्राहकों के पास अपने आधार कार्ड को भविष्य निधि (PF) खातों से जोड़ने के लिए सितंबर तक का समय होगा. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने नियोक्ताओं से पीएफ योगदान और अन्य लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड को पीएफ यूएएन (सार्वभौमिक खाता संख्या) से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है. बता दें, समय सीमा को 1 जून, 2021 से 1 सितंबर, 2021 तक के लिए टाल दिया गया है. श्रम मंत्रालय ने इस नए नियम को लागू करने के लिए सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 142 में संशोधन किया. धारा 142 संहिता के तहत लाभ प्राप्त करने और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आधार संख्या के माध्यम से किसी कर्मचारी या असंगठित कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति की पहचान स्थापित करने का प्रावधान करती है.

वही, कानून फर्म एमवी किनी में पार्टनर विदिशा कृष्ण ने कहा- पैन और आधार कार्ड को लिंक करना सभी बैंकों, पीपीएफ खातों और ईपीएफ खातों के लिए अपने ग्राहक को केवाईसी की एक बुनियादी आवश्यकता है. यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो एक प्रवर्तन उपाय के रूप में नियोक्ताओं द्वारा ब्याज क्रेडिट और आपके पीएफ खातों से निकासी के दावों को अस्वीकृति जैसे मुद्दों का सामना करना पड़ेगा.

ईपीएफओ ने एक अधिसूचना में कहा कि आधार सत्यापित यूएएन के साथ ईसीआर (इलेक्ट्रॉनिक चालान सह रसीद या पीएफ रिटर्न) दाखिल करने की तारीख भी 1 सितंबर, 2021 तक बढ़ा दी गई है. सेवानिवृत्ति निकाय ने पहले कहा था कि नियोक्ता केवल उन कर्मचारियों के लिए ईसीआर दाखिल कर सकता है जिन्होंने अपने आधार को पीएफ यूएएन से जोड़ा है. आधार सीडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियोक्ता गैर-आधार सीड यूएएन के लिए अलग ईसीआर फाइल कर सकता है.

यदि आपका आधार विवरण अपडेट नहीं किया गया है तो आप अन्य ईपीएफ लाभों से भी वंचित हो जाएंगे. इसमें पिछले महीने घोषित COVID-19 अग्रिम और पीएफ खातों से जुड़े बीमा लाभ शामिल हैं.

बता दें, आधार को UAN से जोड़ना अनिवार्य है. डेलॉइट इंडिया के पार्टनर सरस्वती कस्तूरीरंगन ने कहा- 1 सितंबर 2021 से प्रभावी, नियोक्ता उन मामलों के लिए पीएफ नहीं भेज पाएंगे, जहां इस तरह की लिंकिंग नहीं की गई है. ईपीएफओ सभी लाभों के लिए एक ऑनलाइन दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है, चाहे वह केवाईसी अपडेशन हो, इसलिए लाभार्थी की पहचान स्थापित करना महत्वपूर्ण हो जाता है, और आधार पर जोर दिया जा रहा है.