प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता में आने के बाद से सबसे बड़े कैबिनेट फेरबदल में 36 नए मंत्रियों को अपनी सरकार में शामिल किया है. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहली बार मंत्रिपरिषद का विस्तार किया गया है. मंत्रिपरिषद विस्तार में कुल 43 मंत्री शामिल किए गए हैं जिनमें 15 मंत्री कैबिनेट स्तर के और 28 राज्य मंत्री बनाए गए हैं. आईटी और स्वास्थ्य मंत्रियों सहित कम से कम 12 कैबिनेट सदस्यों ने अपने सहयोगियों के लिए जगह बनाने के लिए फेरबदल से पहले इस्तीफा दे दिया.  

बता दें, भारत के राष्ट्रपति ने आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद, पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और दूसरों सहित मंत्रिपरिषद के 12 सदस्यों का इस्तीफा स्वीकार किया. इसके अलावा जिन अन्य मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है उनमें डीवी सदानंद गौड़ा, थावरचंद गहलोत, संतोष कुमार गंगवार, बाबुल सुप्रियो, धोत्रे संजय शामराव, रतन लाल कटारिया, प्रताप चंद्र सारंगी और देबाश्री चौधरी शामिल थे.

आपको बता दें, यह कदम उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण युद्धक्षेत्र सहित महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव से पहले उठाया गया है. वही, महामारी और लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार की आलोचना के बीच नए मंत्रिमंडल की घोषणा की गई है.

वही, मोदी सरकार में नए कैबिनेट मंत्री में नारायण राणे, सर्वानंद सोनोवाल, डॉ. वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, रामचंद्र प्रसाद सिंह, अश्विनी वैष्णव, पशुपति कुमार पारस, किरेन रिजिजू, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मांडविया, भूपेंद्र यादव, पुरुषोत्तम रूपाला, जी किशन रेड्डी, अनुराग सिंह ठाकुर शामिल है.