वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 जून सोमवार को एक महत्वपूर्ण राहत पैकेज का एलान किया है. इस दौरान सीतारमण ने किसानों को अतिरिक्त खाद सब्सिडी देने को लेकर कहा कि पिछले वित्त वर्ष में किसानों को खाद सब्सिडी के मद में 27,500 करोड़ रुपये दिए गए थे, जिसे चालू वित्त वर्ष में बढ़ाकर 42,275 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इससे हाल ही में उर्वरकों की कीमतों में हुई वृद्धि का बोझ किसानों पर नहीं पड़ेगा. सीतारमण ने बताया कि अभी तक देश में सिर्फ अन्न का उत्पादन बढ़ाने पर जोर था. लेकिन कोरोना के बाद सरकार इस बारे में रणनीति बदल रही है. अब किसानों को पोषण बढ़ाने वाले अनाजों के उत्पादन पर खास जोर देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

कृषि अनुसंधान परिषद जिंक, आयरन, प्रोटीन आदि से संपन्न अनाज विकसित कर रहा है. देशभर में उत्पादन के लिए बाजरा, दाल, सोयाबीन, मक्का, जौ समेत मोटे अनाजों की 21 किस्म का चयन किया गया है. गरीबों को इस वर्ष नवंबर तक पांच किलो अतिरिक्त अनाज देने की योजना भी सोमवार को आधिकारिक रूप से घोषित की गई है. इस स्कीम पर चालू वर्ष के दौरान 93,869 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कोविड महामारी से प्रभावित टूरिज्म सेक्टर को भी वित्तीय मदद देने का एलान किया है, इसके तहत रजिस्टर्ड टूरिस्ट गाइड और ट्रेवल टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. वित्त मंत्री द्वारा किए गए एलान के मुताबिक, सरकार लाइसेंसधारी टूरिस्ट गाइड को एक लाख रुपये और टूरिस्ट एजेंसी को 10 लाख रुपये का लोन देगी. इस लोन को 100 फीसदी गारंटी दी जाएगी. साथ ही, किसी भी तरह का प्रोसेसिंग चार्ज नहीं लिया जाएगा. इसके अलावा 31 मार्च 2022 तक या भारत आने वाले पहले पांच लाख पर्यटकों को वीजा शुल्क भी नहीं देना होगा.