कोविड-19 वायरस के डेल्टा वेरिएंट के तेजी से फैलने के कारण पूरे यूरोप में फिर से नई पाबंदियां लगाने का दौर शुरू हो गया है. पुर्तगाल, स्पेन और जर्मनी ने अपने यहां आने वालों लोगों के लिए यात्रा संबंधी नए प्रतिबंधों की घोषणा की है. फ्रांस ने इसी वेरिएंट की वजह से पिछले हफ्ते रूस को 21 देशों के लाल सूची में डाल दिया था. इस सूची में दर्ज देशों के लोगों के फ्रांस आने पर सख्त यात्रा प्रतिबंध लगाए गए हैँ.

गौरतलब है कि यूरोपियन यूनियन (ईयू) की रोग नियंत्रण एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगले अगस्त तक यूरोप में कोरोना संक्रमण के कुल जितने मामले होंगे, संभव है कि उनमें 90 फीसदी के लिए डेल्टा वेरिएंट जिम्मेदार हो. डेल्टा वेरिएंट अब तक कम से कम 85 देशों में फैल चुका है. यूरोपीय डिजीज कंट्रोल एजेंसी के मुताबिक यह सबसे पहले इंग्लैंड में पाए अल्फा वेरिएंट की तुलना में 40 से 60 फीसदी ज्यादा संक्रामक है.

गुजरे हफ्तों में कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार के कारण कई देशों में प्रतिबंध हटाए जा रहे थे. पिछले हफते स्पेन में फेस मास्क पहनने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई थी. इटली में कर्फ्यू हटा लिया गया था. लेकिन इस हफ्ते नए प्रतिबंधों का सिलसिला शुरू हो गया है. सोमवार को पुर्तगाल ने एलान किया कि उसके यहां ब्रिटेन से आने वाले लोगों को दो हफ्तों तक क्वारंटीन में रहना होगा. नए नियम से छूट सिर्फ उन लोगों को मिलेगी, जो कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके हैं.