ICMR के वैज्ञानिक कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के नए म्यूटेशन डेल्टा प्लस वेरिएंट के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं. कोरोना का डेल्टा वेरिएंट कितना खतरनाक है और वैक्सीन इस पर कितनी कारगर है इसके लिए आईसीएमआर के वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं.

बता दें, आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि वर्तमान में महामारी से बचाव के लिए दी जा रही वैक्सीन कोरोना के डेल्टा प्लस पर कितनी कारगर है इसका पता आने वाले 7 से 10 दिनों में चल जाएगा. डॉ. भार्गव ने कहा कि अप्रैल-जून से डेल्टा-डेल्टा प्लस वेरिएंट का कल्चर टेस्ट हो रहा है. इस टेस्ट में पता चल रहा है कि डेल्टा वेरिएंट से पब्लिक हेल्थ बहुत चेंज नहीं होती है. उन्होंने कहा कि कुछ वायरस इंफेक्शन ज्यादा फैला देते हैं. वर्तमान में आईसीएमआर इस पर भी रिसर्च कर रहा है कि क्या कोरोना के बदलते वेरिएंट के अनुसार वैक्सीन को भी मॉडिफाई किया जा सकता है या नहीं.

दरअसल, डेल्टा प्लस वेरिएंट पर वैक्सीन का असर जानने के लिए अधिक डाटा की जरूरत होगी. चूंकि, दुनियाभर में अभी डेल्टा प्लस संक्रमण के मामले अभी काफी कम हैं ऐसे में इस पर वैक्सीन के प्रभाव का पता लगाने में अभी समय लगेगा. अभी इस बात के कोई सबूत नहीं है कि इसका संक्रमण बढ़ रहा है.