धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार उमर गौतम और जहांगीर आलम से एटीएस की पूछताछ लगातार जारी है. देश भर के 24 राज्यों में उमर का नेटवर्क फैला होने का दावा किया जा रहा है. एटीएस इसकी जांच कर रही है.  साथ ही उमर द्वारा बताए गए पतों को खंगालने के लिए यूपी पुलिस संबंधित राज्य की पुलिस के साथ जानकारी साझा कर रही है.  

आपको बता दें, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में तह तक जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही यह भी कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी है उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कारवाई की जाए.वहीं, एटीएस के सूत्रों ने बताया कि फंडिंग को लेकर उमर ने कुछ अहम जानकारी दी है, जिसकी पड़ताल की जा रही है. साथ ही उन संस्थाओं की भी छानबीन की जा रही है जिससे उमर किसी न किसी रुप में जुड़ा रहा है.

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि धर्मांतरण से जुड़े सभी संगठनों की विस्तृत जांच की जायेगी और जांच के बाद ही वह विस्तृत जानकारी दे सकेंगे. उन्होंने बताया कि अब तक 24 राज्यों के बारे में उमर व जहांगीर ने बताया है, जिसके बारे में संबंधित राज्य की पुलिस से संपर्क किया जा रहा है और सूचनाएं आदान प्रदान की जा रही हैं. कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने यह भी बताया कि उमर के अन्य ठिकानों के साथ-साथ उसके मददगार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. उसे और उसकी संस्था को फंडिंग कहां से हो रही थी, उसके पीछे सिर्फ धर्मांतरण मकसद था या कुछ और भी इसके बारे में पड़ताल की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह एक बेहद संवेदनशील मामला है. एटीएस की विभिन्न टीमों ने इसमें लगातार मेहनत की है.

बता दें कि 2 दिन पहले यूपी एटीएस ने उमर गौतम और जहांगीर आलम को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में किए जा रहे धर्मांतरण का खुलासा किया था. उमर गौतम दिल्ली के जामिया नगर स्थित बटला हाउस में इस्लामिक दावा सेंटर नामक संस्था का संचालक है. उस पर आरोप है कि नोएडा के मूक बधिर स्कूल के दर्जनों छात्रों का धर्मांतरण कराया है. एटीएस उमर और जहांगीर आलम को 7 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है.