अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दौरा शुरू होने से पहले अमेरिकी एजेंसी की एक रिपोर्ट भारत सरकार की चिंताएं बढ़ा सकती हैं. अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता संबंधी अमेरिकी आयोग (USCIRF) ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें भारत में धार्मिक उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी दिखाई गई है. साथ ही नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर चिंता व्यक्त की गई है. इस रिपोर्ट में भारत को टियर-2 की श्रेणी में रखा है, जो कि ‘विशेष चिंता का देश’ वाली श्रेणी है.

DDUSCIRF  की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2018 के बाद से भारत में धार्मिक उत्पीड़न के मामले बढ़े हैं. कुछ राज्यों में धार्मिक स्वतंत्रता की बिगड़ती परिस्थितियों को उजागर किया गया है, लेकिन सरकारें इन्हें रोकने का प्रयास नहीं कर रही हैं.

रिपोर्ट में लिखा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपद्रव को कम करने वाले बयान नहीं दिए और उनकी पार्टी के सदस्यों का हिंदू चरमपंथी के संगठनों से संबंध रहा. इन्हीं नेताओं ने भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया.

us_report_022020113026रिपोर्ट के जरिए अमेरिकी सरकार ने भारत सरकार के आगे कुछ सिफारिशें रखी हैं, जिनमें भड़काऊ भाषण देने वालों को कड़ी फटकार लगाना. पुलिस को मजबूत किया जाए ताकि एक्शन लिया जाए और पूजा स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई जा सके. कई घटनाओं का जिक्र करने के अलावा नागरिकता संशोधन एक्ट पर चिंताएं व्यक्त की गई हैं और कहा गया है कि एक बड़े तबके में इससे डर का माहौल है.

गौरतलब है कि मोदी सरकार के राज में कई बार ऐसे मामले आए हैं, जहां पर धार्मिक उत्पीड़न हुआ है. कई बार मॉब लिंचिंग, बीफ के नाम पर पिटाई, दलित उत्पीड़न के मसलों ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी हैं. जिसपर विवाद हुआ है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने से पहले इस तरह की रिपोर्ट सरकार की चिंताएं बढ़ा सकती हैं.

USCIRF एक अमेरिकी एजेंसी है जो दुनिया भर में धार्मिक मसलों पर रिपोर्ट तैयार करती है, ये एजेंसी सीधा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी संसद और अमेरिकी सीनेट को रिपोर्ट देती है.